डेड पिक्सेल टेस्ट ऑनलाइन
पूरी स्क्रीन पर शुद्ध रंग दिखाएँ और बदलने के लिए टैप करें — एक मिनट से कम में कोई भी डेड या स्टक पिक्सेल ढूँढें।
यहीं फ़ुल स्क्रीन में चलता है — कुछ भी अपलोड नहीं होता। बाहर निकलने के लिए Esc या ✕ दबाएँ।
टेस्ट कैसे करें
- स्क्रीन को मुलायम कपड़े से साफ़ करें — धूल डेड पिक्सेल जैसी ही दिखती है।
- ब्राइटनेस बढ़ाएँ और टेस्ट शुरू करें। यह फ़ुल स्क्रीन में खुलता है।
- सफ़ेद, काला, लाल, हरा और नीला बदलने के लिए स्क्रीन पर टैप करें (या स्पेस दबाएँ)।
- ध्यान से देखें, एक बार में स्क्रीन का एक हिस्सा।
हर रंग क्या दिखाता है
- सफ़ेद: डेड पिक्सेल (काले बिंदु) और काँच के नीचे की धूल।
- काला: स्टक पिक्सेल (रंगीन या सफ़ेद बिंदु) और बैकलाइट ब्लीड।
- लाल, हरा और नीला: पिक्सेल के अंदर ख़राब सबपिक्सेल।
पुराना या नया डिवाइस ख़रीदने से पहले
यह टेस्ट दुकान में या डिवाइस लेने से पहले करें। ख़राब पिक्सेल की पॉलिसी कंपनी, मॉडल और इलाके के हिसाब से अलग होती है, और ख़राबी की संख्या, जगह और प्रकार पर निर्भर कर सकती है — इसलिए जल्दी पकड़ लेने से बहुत परेशानी बचती है। सटीक जगह दर्ज करने और विक्रेता या वारंटी के लिए नक्शा सेव करने के लिए डेड पिक्सेल लोकेटर (अंग्रेज़ी) इस्तेमाल करें।
एक मिल गया — अब क्या करें?
अगर वह रंगीन है, तो ज़्यादातर स्टक पिक्सेल होता है: स्टक पिक्सेल फ़िक्सर (अंग्रेज़ी) आज़माएँ। अगर हमेशा काला रहता है, तो वह डेड है, और आमतौर पर इलाज वारंटी या रिपेयर ही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितने डेड पिक्सेल चल सकते हैं?
यह कंपनी और प्रोडक्ट पर निर्भर करता है। कई ब्रांड पिक्सेल पॉलिसी जारी करते हैं जिसमें बदलने से पहले कुछ ख़राबियाँ मानी जाती हैं, और कुछ शून्य चमकीले पिक्सेल की गारंटी देते हैं। अपने सटीक मॉडल और इलाके की पॉलिसी देखें, और ध्यान दें कि ख़राबी कहाँ है: बीच में एक पिक्सेल आमतौर पर किनारे वाले से ज़्यादा मायने रखता है।
क्या डेड पिक्सेल फैल सकता है?
एक अकेला डेड पिक्सेल आमतौर पर वैसा ही रहता है। अगर कुछ दिनों में नए डेड पिक्सेल दिखें, या कोई लाइन या धब्बा बढ़ता जाए, तो यह किसी एक पिक्सेल की नहीं बल्कि पैनल या कनेक्टर की ख़राबी है — विक्रेता या रिपेयर शॉप से संपर्क करना ठीक रहेगा।
डेड पिक्सेल है या धूल?
स्क्रीन पोंछने पर धूल और उंगलियों के निशान हिलते या धुंधले हो जाते हैं और अक्सर थोड़े धुंधले दिखते हैं। पिक्सेल की ख़राबी बिल्कुल साफ़ होती है और हर रंग पर ठीक उसी जगह रहती है।